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*दिल्ली में आम आदमी पार्टी के विधायकों को खरीदने की साजिश रच रहे हैं मोदी जी*
*भाजपा ने आम आदमी पार्टी के 7 विधायकों से संपर्क किया, 10-10 करोड़ रुपए का लालच देकर खरीदने की कोशिश की : मनीष सिसोदिया*
*नई दिल्ली 1 मई 2019*
बृहस्पतिवार को एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में भाजपा के पास चुनाव लड़ने के लिए कोई आधार नहीं है, तो इसीलिए भाजपा अपने असली चरित्र पर आ गई है।
भाजपा पर इल्जाम लगाते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि भाजपा दिल्ली में चुनाव जीतने के लिए आम आदमी पार्टी के विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रही है। ऐसा करके भाजपा दिल्ली में यह माहौल बनाने की कोशिश कर रही है, कि आम आदमी पार्टी के विधायक पार्टी को छोड़कर भाजपा में शामिल हो रहे हैं। इस कार्य के लिए भाजपा ने आम आदमी पार्टी के 7 विधायकों से संपर्क कर 10-10 करोड़ रुपए का ऑफर हमारे विधायकों को दिया दिया है।
मीडिया के माध्यम से भाजपा को चुनौती देते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि मोदी जी और अमित शाह आम आदमी पार्टी के विधायकों को खरीदकर चुनाव लड़ने की कोशिश ना करें। अगर मोदी जी और अमित शाह में दम है तो अपने बल पर चुनाव लड़े। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के विधायक बिकने वालों में से नहीं है। आप उन्हें खरीदने की कोशिश कर रहे हो और आपकी कोशिशों की सारी खबर हम तक पहुंच रही है।
पिछले 4 साल से भाजपा लगातार आम आदमी पार्टी के विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रही है, और समय-समय पर हमने मीडिया के सामने उसके साक्ष्य भी प्रस्तुत किए हैं। 2017 में हुए निगम के चुनावों में भाजपा हमारे एक विधायक को तोड़ने में कामयाब भी हुई, परंतु उसके बाद दिल्ली की जनता ने भाजपा को हराकर जो सबक सिखाने का काम किया वह भी सबने देखा था।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि देश के विकास के लिए अगर मोदी जी के पास कोई एजेंडा है, कोई विजन है, तो उस पर चुनाव लड़ना चाहिए। अगर आप 10-10 करोड़ में इस तरह से विधायकों को खरीदने की कोशिश करके, चुनाव जीतने का प्रयास करोगे, तो विधायक तो आपके हाथ आएंगे ही नहीं, साथ ही साथ जनता का जो वोट आपको मिला था, वह वोट भी आपके हाथों से निकल जाएगा, और जनता फिर आप का वही हाल करेगी, जो बवाना के उप चुनाव में जनता ने भाजपा का किया था।
उन्होंने कहा कि हाल ही में मोदी जी ने पश्चिम बंगाल में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था, कि दीदी के 40 विधायक मेरे संपर्क में है। क्या भारत के प्रधानमंत्री को यह शोभा देता है, कि वह बड़े गर्व से कहे कि मैं 40 विधायकों को चारा डाल रहा हूं उन्हें खरीदना चाहता हूँ। देश के प्रधानमंत्री को यह बिल्कुल भी शोभा नहीं देता कि वह जगह-जगह यह कहते हुए घूमे, कि मैं देश के लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त कर रहा हूं, और मैं 40 विधायक खरीद रहा हूं। थोड़ी सी शर्म रखनी चाहिए, प्रधानमंत्री को लोकतंत्र का सम्मान रखना चाहिए।
पश्चिम बंगाल में मोदी जी, ममता जी की पार्टी के विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रहे हैं, दिल्ली में मोदी जी आम आदमी पार्टी के विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रहे हैं। यह पहली बार नहीं है। 2013 में भी जब 28 विधायकों के साथ हम ने दिल्ली में सरकार बनाई थी, उस समय पर भी भाजपा ने हमारे विधायकों को खरीदने की कोशिश की थी। उस समय पर भी हमने भाजपा के लोगों के स्टिंग करके मीडिया के माध्यम से उनकी करतूतों को सार्वजनिक किया था।
मनीष सिसोदिया ने मोदी जी को चेताते हुए कहा कि अगर आपने 5 साल में देश के आम आदमी के लिए कुछ किया है, तो वह बता कर चुनाव लड़िए। आप यह फर्जी मुद्दे उठा उठा कर और विधायकों को खरीद कर जो चुनाव जीतने की कोशिश कर रहे हो, आम आदमी पार्टी के विधायक और दिल्ली की जनता आपको इन मंसूबों में कामयाब नहीं होने देगी।
प्रेस वार्ता में मौजूद दिल्ली प्रदेश संयोजक एवं कैबिनेट मंत्री गोपाल राय ने कहा कि भाजपा ने विधायकों को खरीदने का यह जो अभियान शुरू किया है, उससे साफ जाहिर है कि दिल्ली में भाजपा के सातों प्रत्याशी बुरी तरह से हार रहे हैं।
भाजपा ने पहले अपने पिछले 5 साल के फेलियर से पार पाने के लिए और दिल्ली में उनके प्रत्याशियों के खिलाफ जो विरोधाभास की स्थिति पैदा हुई है, उस से पार पाने के लिए क्रिकेटर और गायकों को मैदान में उतार कर सोचा, कि वह कामयाब हो जाएंगे। परंतु इसके बावजूद भी उनकी चुनावी नैया हिचकोले खाती हुई नजर आ रही है।
जब कहीं से कुछ होता नजर नहीं आया, तो भाजपा लौट कर अपने पुराने हथकंडे, विधायकों की खरीद-फरोख्त पर उतर आई है। भाजपा की हर हरकत ने यह बताया है, कि यह लोग ना तो लोकतंत्र पर और ना ही संविधान पर विश्वास करते हैं। पहले भी दिल्ली में भाजपा ने आम आदमी पार्टी के विधायकों को खरीदने के लिए मंडी लगाई थी, परंतु नाकामयाब रहे। उसके बाद निगम के चुनावों में भाजपा ने एक बार फिर आम आदमी पार्टी के विधायकों को खरीदने के लिए मंडी लगाई और एक विधायक को खरीदने में कामयाब हुए। लेकिन उसका मुंह तोड़ जवाब भी दिल्ली की जनता ने भाजपा को हार का मुंह दिखा कर दिया।
गोपाल राय ने मीडिया के माध्यम से दिल्ली की समस्त जनता से अपील करी, के अगर भाजपा इस तरह की हरकतें करती है, तो दिल्ली वालों एक बार फिर बवाना की तरह से ही भाजपा को सबक सिखाना, ताकि देश के लोकतंत्र और संविधान का मजाक उड़ाने वालों की दोबारा ऐसी हरकतें करने की हिम्मत ना हो सके।

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dilip.panicker@gmail.com

6 Comments

    • John Ferns

      AAP must understand that they have support of anti-Congress voters. There is a proof that AAP has anti-Congress voters support. (1) AAP won 4 MP Seats from Punjab last time due to AAP was against Congress but won only 1 Seat from Punjab this time due to AAP was not against Congress. (2) AAP won MLA Seat only in Punjab and not in any other State. This means that Punjab people are very angry on Congress and hence Punjab Voters shifted from their traditional party to AAP. (3) Congress ruled Delhi for 15 Years. That means Delhi has Congress voters. This means all Congress voters voted AAP in Delhi. So, AAP must always remain anti-Congress and anti-BJP. This will make AAP the alternative of Congress & BJP. Secondly, AAP lose in anti-Congress State due to EVM Manipulations. So, AAP must fight to Close the system of voting through EVM and Start voting through BALLOT Paper. AAP lose due to its Soft stand on Congress and secondly due to EVM Manipulations.

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    • John Ferns

      AAP must understand that they have support of anti-Congress voters. There is a proof that AAP has anti-Congress voters support. (1) AAP won 4 MP Seats from Punjab last time due to AAP was against Congress but won only 1 Seat from Punjab this time due to AAP was not against Congress. (2) AAP won MLA Seat only in Punjab and not in any other State. This means that Punjab people are very angry on Congress and hence Punjab Voters shifted from their traditional party to AAP. AAP must always remain anti-Congress and anti-BJP. This will make AAP the alternative of Congress & BJP. Secondly, AAP lose in anti-Congress State due to EVM Manipulations. So, AAP must fight to Close the system of voting through EVM and Start voting through BALLOT Paper. AAP lose due to its Soft stand on Congress and secondly due to EVM Manipulations.

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    • John Ferns

      AAP made a mistake by trying to join hands with Congress. AAP must understand that they got support from anti-Congress voters. BJP has fixed voters. Also AAP must fight to Close the system of voting through EVM and Start voting through BALLOT Paper. AAP also lose due to EVM.

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    • John Ferns

      @ Gautam Buddha, Tathagata and all my old friends, I am with AAP from the day one and still with AAP.

      Since 2 days I am promoting AAP in Goa by taking advantage of CONGRESS Merging with BJP.

      Congress & BJP are one body with 2 faces!

      AAP made a mistake by trying to make friendship with Congress. AAP should understand that they got support from anti-Congress voters. BJP voters are fixed.

      Also EVM played a big role in defeating AAP.

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    • Gautam Buddha

      I would give a call and request all old friends Srinivas, Simmi, Srini, Traumatized Indian. B Roy, John Ferns. Asoka, M J Paul and all others to reconnect and respond.

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      • Tathagata

        I am there but not sure how long this comment will stay. My last comment got deleted soon.

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