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प्रेस विज्ञप्ति, 12/7/2019

भाजपाई बनने के बाद फिर से आप विधायक बनने की फ़िराक़ में है कर्नल देवेंद्र और अनिल बाजपेई: सौरभ भारद्वाज

भाजपा और उनकी पार्टी के नेता विजय गोयल बताएं कि दोनों विधायक उनकी पार्टी में हैं या नहीं : सौरभ भारद्वाज

नयी दिल्ली : लोकसभा चुनाव के ठीक पहले भाजपा का दामन थामने वाले कर्नल देवेंद्र सहरावत और अनिल बाजपेई ने विधानसभा अध्यक्ष को शपथ पत्र देकर आप विधायक होने का दावा किया है। भाजपा में शामिल होने की ख़बरों को इनके द्वारा झूठा बताया गया है। इसके लिए पाँच समाचार पत्रों के रिपोर्टर और संपादक के बयान भी दर्ज किए जायेंगे। यह बात एक प्रेस वार्ता के दौरान आप प्रवक्ता एवं विधायक सौरभ भारद्वाज ने कही।

उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के पूर्व 3 और 6 मई को भाजपा कार्यालय में अलग- अलग हुयी प्रेस वार्ता में आप के दो विधायक अनिल बाजपेई और कर्नल देवेंद्र सहरावत आप को छोड़ भाजपा में शामिल हुए थे। इस दौरान हुयी प्रेस वार्ता में भाजपा कार्यालय में पार्टी नेता विजय गोयल, श्याम जाजू एवं विजेंद्र गुप्ता सहित कई बड़े नेताओं ने इन दोनों को पार्टी में शामिल किया था। इसके बाद मेरे द्वारा इन दोनों विधायकों की शिकायत विधानसभा अध्यक्ष से की गयी थी, जिस पर हो रही जाँच के जवाब में अब इन दोनों ही नेताओं ने विधान सभा अध्यक्ष को शपथ पत्र देकर आप पार्टी का विधायक होने का फिर से एक बार दावा किया है। साथ ही दलील दी है कि समाचार पत्रों और टीवी न्यूज़ चैनलों में चली ख़बरें झूठी और भ्रामक हैं।

प्रेस वार्ता के दौरान श्री भारद्वाज ने दोनों ही विधायकों की भाजपा में शामिल हुयी ख़बरों को भी दिखाया। जिसमें दोनों ही विधायक आप छोड़ कर भाजपा शामिल होने की साफ़ वजह भी बताते दिखायी दिये।

श्री भारद्वाज ने बताया कि मोदी-मोदी की जाप करने वाले ये दोनों ही विधायक अब पलटी मार कर फिर से आप के विधायक बनने में लगे हुए हैं। लेकिन अब ये नहीं हो पायेगा। सच देश और दिल्ली वासियों के सामने आकर रहेगा । उन्होंने कहा कि इन दोनों विधायकों ने दिल्ली वसियों को भी धोखा देने का कार्य किया है। भाजपा के विजय गोयल अब बताएं कि ये दोनों विधायक उनकी पार्टी में है या नहीं। अब ये दोनों विधायक और इनके लिए भाजपा के वक़ील, समाचार पत्रों सहित न्यूज़ चैनलों को झूठा साबित करने पर भी आमादा हैं। वकीलों का तर्क है कि छपी ख़बरों के लिए पत्रकार और समाचार पत्र ज़िम्मेदार हैं। इसके लिए विधानसभा में अब प्रमुख पाँच समाचार पत्रों के पत्रकार और सम्पादक के बयान लेने के लिय20 जुलाई को बुलाया गया है। विधानसभा में दिए गये शपथ पत्र ने समाचार पत्रों और चैनलों के विश्वास को भी ख़त्म करने का कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि दोनों विधायकों की तरफ़ से भाजपा के वकीलों ने जो शपथपत्र दिए हैं उनमें कहा गया है कि दोनों विधायकों की बातों को ग़लत लिखा और दिखाया गया है जिसमें कोई सच्चाई नहीं है। दोनों विधायक और उनके भाजपाई वक़ील झूठ को सच साबित करने के चक्कर में मीडिया की विश्वसनीयता भी ख़तरे में डाल रहे हैं। लेकिन बहुत जल्द उनका झूठ पकड़ा जाने वाला है।

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firoz

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