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AAP उम्मीदवार रामचंद्र 24 हज़ार वोट के अंतर से जीते, बीजेपी दूसरे और कांग्रेस तीसरे नम्बर पर रही

बवाना उपचुनाव में आम आदमी पार्टी ने प्रचंड जीत हांसिल की है, आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार रामचंद्र ने बीजेपी उम्मीदवार वेदप्रकाश को 24,052 वोट के भारी अंतर से पटखनी दी। कांग्रेस उम्मीदवार सुरेंद्र कुमार यहां तीसरे स्थान पर रहे और बवाना की जनता ने बीजेपी-कांग्रेस को पूरी तरह से नकार दिया और आम आदमी पार्टी और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल में अपना भरोसा जताया।

बवाना उपचुनाव में जीत हांसिल करने वाले आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार रामचंद्र को बवाना की जनता का भरपूर समर्थन प्राप्त हुआ जिसमें उनको 59,886 वोट और 45.39 प्रतिशत का वोट शेयर प्राप्त हुआ। दूसरे नम्बर पर रहे बीजेपी उम्मीदवार वेदप्रकाश को 35,834 वोट और 27.16 प्रतिशत वोट शेयर प्राप्त हुआ और वहीं तीसरे नम्बर पर रहे कांग्रेस उम्मीदवार सुरेंद्र कुमार को 31,919 वोट और 24.19 प्रतिशत वोट शेयर प्राप्त हुआ।

बवाना उपचुनाव में इलाक़े की जनता ने दिल्ली की केजरीवाल सरकार के काम पर मुहर लगाई और यह संदेश दिया कि जो काम करेगा तो जनता का वोट उसी को मिलेगी। आपको बता दें कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार ने पिछले 2 साल में दिल्ली की जनता के लिए ढेरों काम किए हैं जिनमें शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य तक में एतिहासिक बदलाव लाकर दिल्ली की जनता का दिल जीता है। दिल्ली के ग्रामीण इलाक़े के लिए भी केजरीवाल सरकार ने बेहतरीन काम किया है जिसमें ख़राब फ़सर का पूरे देश में सबसे ज्यादा मुआवज़ा और 74/4 जैसे मसले प्रमुख रहे।

बवाना उपचुनाव में जनता ने अपनी वोट की ताक़त से यह दिखा दिया कि जो जनता के लिए काम करेगा जनता उसे ही वोट देगी और सर-आंखों पर बिठाएगी। आपको बता दें कि बवाना में भी दिल्ली सरकार ने कई सारे विकास कार्य किए हैं और जिसे बवाना की जनता ने बखूबी समझा भी है और उसे महत्वता भी दी है।

जनता ने बीजेपी की नफ़रत की राजनीति का जवाब उसके उम्मीदवार वेदप्रकाश को नकार कर दिया है। बवाना की जनता ने कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार को एक बार फिर से नकार कर यह साबित कर दिया है कि दिल्ली की जनता कांग्रेस पार्टी में कोई रुचि नहीं रखती और कांग्रेस पर जनता को अब भरोसा बिल्कुल नहीं है।

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Ghansham

7 Comments

    • Subodh

      When AAP was losing elections, people were giving all sorts of analyses and all sorts of reasons based on their past political knowledge and experience. Someone even gave the bizarre theory on this forum that for AAP to win an election the voter turn-out has to be above a threshold value. I am sure that with the much lower voter turn out than the previous assembly election in Bawana, the proponent of this theory would have already presumed a defeat for AAP after polling.
      I had always maintained that with the alternate politics the political analysis should also change. My analysis is that the benefits the people of Delhi are receiving under AAP governance, I don’t see any reason why AAP should not win any election in Delhi. However, any analysis can be verified only if results are not not manipulated. With the usage of EVM-VVPAT in Bawana election, the overwhelming victory of AAP supports my analysis.

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    • John Ferns

      PM & CM Elections in India must be with Ballot Paper To Save India & Indians.
      EVM can be manipulated and hence will give dishonest Government to honest Indians.
      Rich & Developed Countries has thrown their EVMs in their dustbin and so ECI must throw our EVMs in our dustbin.

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    • Arul

      Neither Modiji moja, nor Makenji magic, but Kejriwalji karma which won the day..

      Proud of you AAP/AK…
      congrats !!!

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      • srinivas

        Nice to see you back

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    • John Ferns

      CONGRATULATIONS
      AK/AAP is the future of India
      Only AK/AAP can make India a developed country.

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    • afroze

      Congratulations

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    • uday Kumar.V

      Great. Your victory proved many things
      1)VVPAT machines can give actual verdict.
      2) People still love Arvind Kejriwal and his AAP
      3) You cannot fool all people everytime

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