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झांसे में नही आएंगे, अरविंद केजरीवाल को जिताएंगे – राघव चड्ढा

-कच्ची कालोनियों को पक्का करने का भाजपा का बिल मात्र एक लॉलीपॉप है: राघव

-कच्ची कालोनियों को पक्का करने के केजरीवाल सरकार के प्रस्ताव को भाजपा पाँच साल तक दबा कर बैठी रही: राघव

नई दिल्ली

आम आदमी पार्टी ने गुरुवार को अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी की घेराबंदी की। पार्टी का कहना है कि भाजपा अनाधिकृत कॉलोनियों की रजिस्ट्री पर वहां रहने वाले लोगों को धोखा व झांसा दे रही है। अनधिकृत कॉलोनियों के 40 लाख निवासियों में से केवल 100 लोगों को रजिस्ट्री देने की बात सामने आ रही है, यह बहुत बड़ा धोखा है।
आम आदमी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राघव चड्ढा ने कहा कि आज लोकसभा में भाजपा ने अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के लिए बिल पेश किया है । AAP का मानना ​​है कि यह बिल अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों के साथ धोखाधड़ी है।

राघव चड्ढा ने कहा कि 5 नवंबर 2015 को दिल्ली कैबिनेट ने दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने का फैसला किया और 12 नवंबर को दिल्ली सरकार ने अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने का पूरा प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा। दुर्भाग्य से, केंद्र पिछले 4 वर्षों से फाइल दबाकर बैठी रही। उसने कुछ भी नहीं किया है।
राघव चड्ढा ने कहा कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा ने महसूस किया कि अनधिकृत कॉलोनियों के निवासी उन्हें वोट नहीं देंगे क्योंकि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार ने अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों के लिए कई विकास कार्य किए हैं। AAP सरकार ने कच्ची कालोनियों के विकास पर 8,100 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इसमें पानी की पाइपलाइन, सीवर लाइन, सड़क निर्माण, मोहल्ला क्लिनिक और अन्य कार्य शामिल हैं। भाजपा ने सोचा कि ये लोग उन्हें वोट नहीं देंगे क्योंकि भाजपा ने अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों के लिए कुछ भी नहीं किया है। इस कारण अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के इस धोखाधड़ी बिल को लाने का फैसला किया।

राघव चड्ढा ने यह भी कहा कि कच्ची कॉलोनियों के सेटलाईट नक्शे पहले ही AAP सरकार द्वारा बनाए गए थें, जिसे पहले भाजपा सरकार ने मानने से इन्कार कर दिए। केंद्र को इन नक्शों का पालन करना चाहिए था, लेकिन उन्होंने नहीं किया । हालांकि, यह खबर आ रही है कि अब केंद्र ने AAP सरकार द्वारा की गई सेटलाईट मैपिंग के आधार पर अनधिकृत कॉलोनियों के केवल 100 निवासियों को रजिस्ट्री देने का फैसला किया है। हमारा सवाल है कि संख्या सिर्फ 100 ही क्यों। अनधिकृत कॉलोनियों के सभी निवासियों को रजिस्ट्री क्यों नहीं। हमें यह भी संश्य है कि वह सौ लोग कौन होंगे। हम यह पूछना चाहते हैं कि क्या भाजपा केवल अपने समर्थकों को रजिस्ट्री देगी? और बाकी 40 लाख लोगों केवल लॉलीपॉप दिखाएगयेगी।

उन्होंने कहा, “हमारा यह भी मानना है कि अनधिकृत कॉलोनियों के सिर्फ 100 परिवारों को रजिस्ट्री देना केवल चुनावी लॉलीपॉप व नौटंकी है, इसलिए AAP की ओर से मैं भाजपा के नेतृत्व में 5 प्रश्न पूछना चाहता हूं। “


राघव चड्ढा द्वारा केंद्र से पूछे गए पांच सवाल

1) भाजपा पिछले 4 वर्षों से सो क्यों रही थी और अरविंद केजरीवाल सरकार की ओर से अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के प्रस्ताव को मंजूरी क्यों नहीं दी थी?

2) पिछले 4 वर्षों में केंद्र ने AAP सरकार द्वारा तैयार किए गए सेटेलाईट नक्शे को स्वीकार क्यों नहीं कियाऔर रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी क्यों नहीं की? पिछले 4 वर्षों में, भाजपा कहती रही कि केंद्र AAP सरकार द्वारा किए गए सेटेलाईट नक्शे को स्वीकार नहीं करेगी। वे फिर से नक्शा तैयार कराएंगे, लेकिन आज केंद्र सरकार AAP सरकार के नक्शे को मंजूरी दे रहे हैं।

3) क्या अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण धोखाधड़ी है, जो पहले कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रोविजनल सर्टिफिकेट के नाम पर किया गया था? क्या कॉन्वेयन्स दीड बीजेपी का प्रोविजनल सर्टिफिकेट है?
2008 के चुनाव से पहले, कांग्रेस ने प्रोविजनल सर्टिफिकेट वितरित करके अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों को बेवकूफ बनाया और चुनाव के बाद, लोगों को कुछ भी नहीं मिला।

4) केंद्र सरकार अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले 40 लाख लोगों में से केवल 100 लोगों को ही रजिस्ट्री क्यों दे रही है? क्या बाकी 40 लाख लोगों की आंख में धूल झुकने का प्रयास है?

5) क्या पिछले 6 सालों में भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों के लिए कोई एक भी काम नहीं ? अगर किया है तो भाजपा बताये?

राघव चड्ढा ने कहा “मैं दिल्ली के लोगों को बताना चाहता हूं कि भाजपा अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित नहीं करना चाहती है। वह केवल अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों को झांसा देने के लिए 100 लोगों को रजिस्ट्री देने का लॉलीपॉप देकर राजनीतिक नौटंकी कर रही है, इसलिए, हम यह नारा बुलंद करना चाहते हैं कि अनधिकृत कॉलोनियों के निवासी
झांसे में नही आएंगे, केजरीवाल को जिताएंगे।

Press Release

Statement issued by National Spokesperson Raghav Chadha at a Press Conference at party office

28th November, 2019

Jhaanse mein nahi aayenge, Kejriwal ko jitayenge : Raghav Chadha

  • Bill by BJP to regularise Delhi’s unauthorised colonies is just a pre-poll lollypop, with no substance: Raghav Chadha
  • Giving registry to only 100 people out of 40 lakh residents is a betrayal by the BJP: Raghav Chadha

Aam Aadmi Party floated new slogan for the upcoming Delhi Assembly elections 2020 in light of introduction of The National Capital Territory of Delhi (Recognition of Property rights of residents in unauthorised colonies) bill, 2019 in the Lok Sabha by the BJP.

Addressing the media at the party headquarters, AAP National Spokesperson Raghav Chadha launched the new slogan “Jhaanse mein nahi aayenge, Kejriwal ko Jitaayenge”

Taking a jibe at the bill presented in Lok Sabha today, Raghav Chadha claimed that this was an eye wash exercise by the BJP led central government to provide lollipop to select few 100 residents of the unauthorised colonies in hope of acquiring votes of 40 lakh residents.

Elaborating on the issue, he said: In November 2015, newly elected Aam Aadmi Party government conducted careful surveys and studies to examine the situation and subsequently presented a proposal for regularisation. Delhi Cabinet Decision dated 5th November 2019 assented by Shri Arvind Kejriwal proposed regularisation of unauthorised colony in Delhi. This decision was further presented to the BJP led Central government for approval, but they have been sitting on it for the past 5 years. The BJP did not take any steps towards regularisation of unauthorised colonies but has now suddenly woken out of deep slumber in view of the upcoming assembly elections. The BJP want to woo the votes of 40 lakh residents of unauthorised colonies and are resorting to these desperate measures as they try to compete with CM Arvind Kejriwal who has transformed the unauthorised colonies with a committed expenditure of 8100 crore towards construction of roads, sewers, mohalla clinics, CCTV installation, etc. The BJP are scared that the residents of unauthorised colonies are going to vote for CM Arvind Kejriwal due to this efforts and works.

While the BJP slept on the proposal for 5 years; finally when they agreed to take it forward; their first condition was to freshly map the unauthorised colonies after refusing to use the GSIL map that was prepared under CM’s orders in 2015. But then finally they are using the original one. They have now brought out a bill that would give ownership rights to mere 100 people. How does that come out to be even when they claim to be regularising all the unauthorised colonies of Delhi? What will be the basis for selection of the 100 beneficiaries? Will they just be BJP workers or those who have relations with BJP leaders. On the above matter, Raghav Chadha posed five questions to the BJP :

  1. Why was no action taken on the matter even though Arvind Kejriwal government had sent the proposal four years back in November 2015? 
  2. You continued to refuse using CM Arvind Kejriwal’s maps of unauthorised colonies for five years insisting on a fresh mapping exercise, but are now willing to use the same map to give registry to 100 people. If the intent was there why were these maps not used earlier?
  3. This is reminiscent of Congress’s move to provide provisional certificates to residents of unauthorised colonies in a bid to get votes right before 2008 assembly elections. At last it turned out to be a hoax and a mere electioneering material. Are the Conveyance deed and website addresses promised by BJP same as the provisional certificate? Is This part 2 of the provisional certificate con?
  4. Why does the BJP at the centre only want to grant residential rights to a mere select100 people? If your intentions were honest, you would provide registry to all 40 lakh residents. 
  5. If you are really concerned with the well being of unauthorised colony residents; then do you have anything to show for in terms of work done for them despite being in power since 2014? Can you tell even a single good work done by your Government for the people living in unauthorized colonies?

In concluding remarks, he said that people will not be fooled by these attempts and will vote for the leader that has worked for them. With that he launched the slogan:
‘Jhaanse mein nahi aayenge, Kejriwal jo Jitayenge’


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firoz

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