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  • मरीजों के मुफ्त सर्जरी से लेकर टेस्ट और इलाज हुए
  • सड़क दुर्घटना में घायलों से लेकर एसिड अटैक पीड़ित शामिल

नई दिल्ली –

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर दिल्ली में पिछले ढाई साल में हाई एंड डायग्नोस्टिक टेस्ट, सर्जरी और दुर्घटना, आग से जलने वाले और एसिड अटैक से पीड़ित 142202 मरीजों का इलाज मुफ्त हुआ है।

स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 2017 में सभी के लिए मुफ्त, कुशल और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा को व्यापक बनाने के उद्देश्य से दिल्ली आरोग्य कोष (डीएके) की घोषणा की थी। इसमें इन तीन योजनाओं को शामिल किया गया था। जिसमें मुफ्त हाई-एंड डायग्नोस्टिक स्कीम, नि: शुल्क सर्जरी योजना, और सड़क दुर्घटनाओं, तेजाब हमलों और थर्मल बर्न इंजरी के पीड़ितों के लिए इलाज की व्यवस्था की गई थी।

स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने कहा, “हम सभी को मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना चाहते हैं। साथ ही रोगियों के लिए समय पर उपचार सुनिश्चित करते हुए सरकारी अस्पतालों पर बोझ को कम करने का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। सर्जरी योजना में, यह रोगी पर निर्भर है कि वह निजी अस्पतालों / नर्सिंग होम में इलाज कराना चाहता है या नहीं। क्योंकि कुछ लोग यात्रा पर होने वाले खर्च को बचाना चाहते हैं, जबकि अन्य अस्पताल के नाम को अधिक प्राथमिकता दे सकते हैं। दुर्घटना योजना के माध्यम से, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी पीड़ित को जानमाल के नुकसान का सामना न करना पड़े ।

फरवरी 2017 में मुफ्त उच्च-अंत डायग्नोस्टिक्स योजना लागू हुई। 30 जून 2019 तक – 1,34,609 रोगियों को इस योजना का लाभ मिला था, जिसमें MRI, CT, PET CT, Nuclear, USG & Doppler, Mammography, ECHO & TMT, EEG और EMG और X-Ray कैशलेश किया गया। साथ ही 23 निजी प्रयोगशालाओं को सशक्त बनाया। इसी प्रकार मार्च 2017 में नि: शुल्क सर्जरी योजना, शुरू की गई थी। जून 2019 तक 4654 रोगियों को कार्डियक सर्जरी, यूरो-सर्जरी, जनरल सर्जरी, लैप-कोलेसीस्टेक्टॉमी, ईएनटी और आंख से संबंधित कैशलेस उपचार प्राप्त हुआ।
अरविंद केजरीवाल सरकार ने सड़क दुर्घटना, एसिड अटैक और थर्मल बर्न इंजरी के पीड़ितों को कानूनी सहायता देने के लिए फरवरी 2018 में एक योजना शुरू की। सड़क दुर्घटनाओं, एसिड हमलों और थर्मल बर्न इंजरी के सभी पीड़ित, जहां घटनाएं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में हुई हैं और दिल्ली पुलिस के अधिकार क्षेत्र के तहत, किसी भी नर्सिंग होम / निजी अस्पताल में कैशलेस उपचार के लिए पात्र हैं। भले ही आय कितनी भी हो । इस योजना के तहत, पीड़ित को घटना के 24 घंटों के भीतर अस्पताल में भर्ती कराया जाना चाहिए और सत्यापन / पात्रता के लिए कोई दस्तावेज ले जाने की आवश्यकता नहीं है । बस यह घटना दिल्ली पुलिस के अधिकार क्षेत्र में हुई हो। 15 फरवरी 2018 से 30 जून 2019 तक 2938 सड़क दुर्घटना पीड़ितों और एक एसिड अटैक पीड़ित का निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज किया गया है। उपचार की लागत दिल्ली सरकार द्वारा वहन की गई। मैक्स हेल्थकेयर, महाराजा अग्रसेन, भारतीय स्पाइनल इंजरी, मूलचंद, बीएलके अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में यह उपचार हुए हैं। दिल्ली आरोग्य कोष योजना के तहत 30 जून 2019 तक निजी सुविधाओं में कैशलेस उपचार से इन योजनाओं के तहत लाभान्वित होने वाले रोगियों की कुल संख्या 1,42.202 (एक लाख बयालीस हजार दो सौ दो) है।

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firoz

2 Comments

    • John Ferns

      Best Road Accident Law of AAP. No police will ask a single question who brings the victim to the hospital. Due to police harassment, good people don’t come forward to help the accident victims. Giving Award to them who takes the accident victim to hospital is the Best of AAP.

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    • John Ferns

      CONGRESS & BJP should withdraw from Delhi Assembly Election for the sake of Delhi People. If Congress & BJP really loves Delhi People then they should not contest the Delhi Assembly Election and give chance to AAP to win all 70 Seats unopposed. AK & AAP is blessings to Delhi People and Congress & BJP should not interfere between the brotherly relationship of Delhi People and AK/AAP. This is not a Political Statement but a Statement on Humanitarian Ground. AAP/AK has done lots of Humanitarian Work for the People of Delhi.

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