New Delhi: 13/08/2019

Malviya Nagar water leakage prevention initiative to be a pilot for Delhi : Shri Arvind Kejriwal

· CM says he is impressed with veteran water warrior Aabid Surti’s work
· Surti ji’s water leakage prevention programme to be emulated in Delhi

Chief Minister Shri Arvind Kejriwal on Sunday night addressed a gathering at Neeti Bagh Club on the topic of water leakage prevention. Given below is the text of his speech :

The way migration is taking place towards urban areas and the population is exploding, water is certainly to be a major challenge in the coming days.

I had heard so much about noted water warrior and writer Aabid Surti ji and his work in the field of water conservation, I am happy that he is present here today.

The proposal of Malviya Nagar MLA, Shri Somnath Bharti that he will form teams and go door-to-door in entire Malviya Nagar to follow Surti ji’s model of water conservation, will be treated as a pilot project. The results of this pilot project and lessons learnt here will help us in deciding better on how this project can be implemented across Delhi.

According to Surti ji’s model, they knock on the doors of the people and appeal to them to check whether there is any form of water leakage in the household from any source – either taps or tanks and in case of any leakages, those are fixed immediately by plumbers who are part of the team, this minimises any water loss.

The kind of passion Surti ji has, is actually required in carrying out such a noble mission.

Niti Aayog has recently come out with a list of 21 cities which are going to face a major water crisis, this includes Delhi also. I believe that water is going to be a major challenge in the coming days, but I am of the view that the Niti Aayog report is a bit alarmist. I am not commenting about other cities, but I can say with certainty about Delhi that the kind of effective steps that your government here is taking with regards to water conservation in active cooperation with the people of Delhi, this city will not face any alarming situation on the water front.

On the contrary, I can say with confidence that in the coming four-five years, we will be able to provide the residents of Delhi with 24 hours water supply.

I would like to inform you that in 2015, when we assumed office only 58 % of Delhiites were getting piped water rest of Delhi was being supplied water through tankers, today within four and a half years, the number of Delhiites getting piped water has significantly risen to 93 %.
I think many times that if in the national capital of India, the condition is that even after seven decades of Independence, the entire population is not getting piped water what would be the plight of rest of the country ?

We took it upon ourselves as a mission to provide piped drinking water to entire Delhi, and among the seven percent now remaining area, there are legal difficulties – like these may be colonies in forest areas, or on ASI land. Barring these, in all other areas of Delhi there will be piped water during the next year and a half and entire Delhi will get tap water.

When I took over I wanted to ensure that on a war footing water pipelines should be laid in the entire city and people should lead their lives with dignity and we wanted to get rid of this menace of tankers mafia.

Our next step is water management :

Currently some areas get one hour water supply, some get half an hour, some areas get morning supply, some get evening supply – I am aware there are areas which get water supply at 3 AM, some get it at midnight. All this needs to be made systematic and as a first step water conservation will be the major initiative, water recharging and water recycling is being taken up on priority.

Major cities of the world are concentrating on water recycling and water recharging. Delhi government has made effective and elaborate plans on this front. Delhi does not have its own water, and it is dependant on Haryana and Uttar Pradesh for water. Haryana and Delhi are fighting cases in various courts on merely 150 cusecs water distribution.

Look at the irony, that during Monsoon there is so much water which Haryana cannot store and releases it into Yamuna. During rains in a single day, Haryana releases six lakh cusecs of water into Yamuna and with no other option, Delhi releases this water to Uttar Pradesh.

If we can store this water, and if we store single day’s water during rain for recharging, we can solve Delhi’s water shortage problem.

We have started a pilot for this, we are trying to recharge water on 40 acres to begin with on Yamuna floodplains by creating an underground natural reservoir by removing the top soil cover.

This is a natural reservoir and if this pilot will be successful, then we plan to launch this meg-project on 1500 acres of Yamuna floodplains next year. The idea is that natural reservoirs will allow the rainwater from overflowing Yamuna to percolate downwards and this will help in increasing the ground water level to a great extent.

पानी का लीकेज रोकने की मालवीय नगर की पहल दिल्ली का पायलट प्रोजेक्ट होगा : श्री अरविंद केजरीवाल

  • मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आबिद सुरती जी के कामों से प्रभावित हुआ
  • मुख्यमंत्री ने कहा, सुरती जी के मॉडल का दिल्ली में अनुसरण किया जाएगा जाने-माने कार्टूनिस्ट, लेखक और जल संरक्षक आबिद सुरती के पानी बचाने का पायलट प्रोजेक्ट अब मालवीय नगर विधानसभा में होगा। इस पायलट प्रोजेक्ट के नतीजों के आधार पर इसे पूरी दिल्ली में लागूकिया जाएगा। मैं आबिद सुरती जी कामों से बहुत प्रभावित हुआ हूं। आबिद सुरती जी मॉडल का दिल्ली में अनुसरण किया जाएगा। दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने मालवीय नगर में आयोजित एक कार्यक्रम केदौरान इसकी घोषणा की।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा, नीति आयोग ने 21 शहरों की एक लिस्‍ट निकाली है जहां पर आने वाले समय में पानी की बहुत समस्‍या होने वाली है। दिल्ली का भी उसमें नाम है। मैं मानता हूं‍ कि आने वाले समय में पानीबहुत बड़ी चुनौती होने वाली है लेकिन मैं ये भी समझता हूं कि ये जो रिपोर्ट है ये थोड़ी सी ज्यादा अलार्म क्रिएट कर रही है। बाकी जगहों के बारे में मैं उतना नहीं जानता लेकिन दिल्‍ली के बारे में मैं ये कह सकता हूं कि आपकीअपनी सरकार आप सब लोगों के साथ मिलकर दिल्‍ली के अंदर जो-जो कदम उठा रही है उससे हम उतनी अलार्मिंग सिचुएशन बिलकुल भी पैदा नहीं होने देंगे। बल्कि हमारा तो ये मानना है कि अगले 4-5 साल के अंदरदिल्‍ली में हम 24 घंटे पीने के पानी का इंतजाम कर देंगे।

उन्होंने कहा कि मैंने जल बोर्ड के साथ 3 घंटे की लंबी बैठक की है, जिसमें इस बात पर चर्चा हुई है कि दिल्‍ली में पीने के पानी का हमें किसी भी तरह से इंतजाम करना है। जब हम लोगों ने साढ़े चार साले पहले दिल्‍ली कीजिम्‍मेदारी सम्‍भाली थी तब दिल्ली के 58 प्रतिशत घरों में पीने का पानी नल से आया करता था। बाकी दिल्‍ली में टैंकर से पानी जाया करता था। आप सोच सकते हैं और मुझे भी कई बार लगता है कि 70साल में हम देश कीराजधानी में घर-घर के अंदर टोंटी से पानी नहीं पहुंचा पाये तो बाकि देश का क्‍या हाल होगा। साल 2015 में 58 प्रतिशत घरों में टोंटी से पानी जा रहा था आज 93 प्रतिशत दिल्‍ली में टोंटी से पानी जा रहा है। बहुत बड़े स्‍केल केऊपर हमने पानी की पाइप लाइन बिछाने का काम दिल्‍ली में किया है और सात प्रतिशत दिल्‍ली जो बची है उसमें भी फॉरेस्‍ट एरिया में जो कॉलोनियां हैं और जो एएसआई के मॉन्युमेंट्स के एरिया में कॉलोनियां आती हैंउनमें हम कानूनी वजह से पाइप लाइन नहीं बिछा सकते, को छोड़ दिया जाए तो बाकी सारी दिल्‍ली के अंदर आने वाले एक से डेढ़ साल के अंदर दिल्‍ली में पीने के पानी की पाइप लाइन बिछ जायेगी और घर-घर के अंदरटोंटी से पानी जायेगा। ये मेरा सबसे पहला मिशन था कि युद्ध स्तर पर पानी की पाइप लाइन बिछाई जाएगी। कम से कम लोगों को इज्‍जत से पानी तो मिल सके और वाटर टैंकर माफिया से छुटकारा मिल सके।

मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बहुत सारे इलाके ऐसे हैं जहां पर कहीं एक घंटा पानी आता है, कहीं आधा घंटा पानी आता है, कहीं डेढ घंटा पानी आता है, कहीं सुबह पानी आता है, कहीं पर शाम को आता है, कहीं रातको तीन बजे आता है कहीं रात को चार बजे आता है। अब हमें पानी के मेनेजमेंट को ठीक करना है, पानी को कंजर्व करना है। हमें ज्यादा से ज्यादा पानी कंजर्व करना होगा। ज्यादा से ज्यादा पानी बचाना होगा। पानी कोरिचार्ज करना होगा। ज्यादा से ज्यादा ग्राउंड वाटर रिचार्ज करना होगा। बारिश के पानी को रोकना होगा। पानी के इस्तेमाल के बाद बचे गंदे पानी को रिसाइकिल करना होगा।

दुनिया भर के शहर बहुत बड़े स्‍तर के ऊपर पानी को रिचार्ज और रिसाइकिल कर रहे हैं। हमारे देश के अंदर ये नहीं हो पा रहा है। इसके लिए भी दिल्‍ली सरकार ने बहुत बड़े प्‍लान बनाये हैं। दिल्‍ली के पास अपना पानी नहींहै। हम हरियाणा और उत्‍तर प्रदेश से पानी लेते हैं। हरियाणा से हमारा पानी के ऊपर लड़ाई-झगड़ा खूब चलता रहता है और कोर्ट में केस चल रहे हैं। 150 क्‍यूसेक पानी के लिए हमारा हरियाणा से झगड़ा चल रहा है। कई सालोंसे सुप्रीम कोर्ट में केस चल रहा है। बारिश के दिनों में एक दिन में पानी इतना हो जाता है कि हरियाणा उसको रोक नहीं सकता। हरियाणा को उसको यमुना में बहाना पड़ता है। बारिश के दिनों में एक दिन में हरियाणा यमुनाके अंदर 6 लाख क्‍यूसेक पानी छोड़ता है। पिछले कई सालों से हम सुप्रीम कोर्ट में 110 क्‍यूसेक पानी के लिए हरियाणा से लड़ रहे हैं। 6 लाख क्‍यूसेक पानी हरियाणा एक दिन में यमुना में छोड़ देता है और हम यमुना से फिरआगे उत्‍तर प्रदेश में छोड़ देते हैं क्‍योंकि हम भी उसको रोक नहीं पाते। अगर उस पानी को हम रोक लें और एक दिन के पानी को अगर हम उसको अपनी जमीन के अंदर किसी तरह से कंजर्व कर लें तो पूरे साल की पूरीदिल्‍ली के पानी की समस्या खत्‍म हो जायेगी। इस पर हम एक पायलट प्रोजेक्ट कर रहे हैं। यमुना के किनारे 40 एकड़ जमीन हम लोगों ने अभी ली है। उस 40 एकड़ जमीन में हम लोगों ने एक मीटर गड्डा खोदा है।अभी समस्या ये थी कि जमीन के ऊपरी सतह पर एग्रीकल्चर हो रही थी। एग्रीकल्चर की वजह से फर्टिलाइजर की वहज से उसके ऊपर एक मिट्टी की परत पड़ गई थी जिसकी वहज से पानी परक्‍यूलेट नहीं होता था। हमने वोएक मीटर गड्डा खोद कर वो सारी परत हटा दी अब नीचे सारी रेत ही रेत है। वो जो रेत है वो बहुत बड़ा पानी का बहुत बड़ा रिजर्व वायर है। 40 मीटर डीप रेत है और कई किलोमीटर चौड़ी रेत है। ये पानी का इतना बड़ा रिजर्ववायर है। इसके लिए हमें कोई अलग से जगह नहीं बनानी। जब बाढ़ आयेगी, जब यमुनाओवरफ्लो होगी तो इस गड्डे में पानी थोड़ी देर रुकेगा तो वो पानी परक्‍यूलेट कर जायेगा नहीं तो यमुना जब बहती है तो पानी कोपरक्‍यूलेट करने का टाइम नहीं मिलता। इससे वो पानी रुकेगा और वो पानी नीचे परक्‍यूलेट करेगा पानी साइड में जायेगा तो इस बार हम पानी की स्‍पीड नापेंगे। कुछ प्रयोग करेंगे कि कितनी स्‍पीड से नीचे जाता है औरकितनी स्‍पीड से साइड में जाता है। अगले साल लगभग 1500 एकड़ जमीन अधिग्रहीत करके हम उसमें इसी तरह के गड्डे खोदकर पानी को स्‍टोर करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, मैं पूरी जिम्‍मेदारी के साथ कह सकता हूं कि दिल्‍ली में पानी की कमी नहीं होने देंगे। एक बात और, सिंगापुर में भी पानी की बहुत कमी है लेकिन वो सारा गंदा पानी लेते हैं और उसकोसाफ करते हैं और वो उसको साफ करने के बाद अपनी नदी के कई किलोमीटर दूर नदी में छोड़ देते हैं वो नदी से पानी बहता हुआ आता है तो उसमें ऑक्‍सीजन भी मिल जाती है और आगे आने पर उसे वाटर ट्रीटमेंट प्‍लांट मेंउसको साफ करके उसको वापस शहर को देते हैं। इसी तरह से कनाडा में भी होता है। इसी तरह से दुनिया के कई अन्य शहरों में भी होता है। ये हमारे देश में कभी नहीं हुआ। इसको हम पहली बार लागू करने जा रहे हैं। हमेंइसके लिए सभी जरूरी अनुमति मिल गई है। हम यमुना में इसको पल्ला में छोंडेंगे और वजीराबाद में पानी को कैप्‍चर करेंगे। वहां पर वाटर ट्रीटमेंट प्‍लांट में साफ करके लगभग 100 एमजीडी पानी मिलेगा। मुझे लगता हैकि अगले तीन साल के अंदर आज दिल्‍ली में जितना पानी उपलब्ध है, उसमें हम आने वाले तीन से चार साल के अंदर 50 फीसदी का इजाफा करेंगे। हमारा पहला लक्ष्य ये था कि सबसे पहले सबके घर में पाइप लाइन बिछादें। दूसरा लक्ष्य ये है कि उसके बाद पानी के प्रबंधन को ठीक करें। पानी की उपलब्धता को बढ़ाएं ताकि आप लोगों को 24 घंटे पानी हम दे सकें।

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