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-मोदी जी अपनी निजी शत्रुता के चलते देश के गौरव के साथ राजनीति कर रहे हैं : मनीष सिसोदिया
-भाजपा के नेता भी कहते हैं कि दिल्ली में शिक्षा जगत में अभूतपूर्व काम हो रहे हैं : मनीष सिसोदिया
-इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि बाहर के देशो के लोग हिंदुस्तान आकर दिल्ली का शिक्षा मॉडल देख रहे हैं, और यहाँ से सीख कर जा रहे हैं : मनीष सिसोदिया
-आस्ट्रिया में होने वाले शिक्षा सम्मलेन में आने-जाने का पूरा खर्च कार्यक्रम के प्रबंधकों द्वारा वहन किया जाना था, इसमें सरकार का एक भी पैसा खर्च नही होता : मनीष सिसोदिया

शनिवार 1 दिसम्बर 2018, एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि सभी जानते हैं कि आज दिल्ली में शिक्षा जगत में बहुत अच्छा काम हो रहा है। भाजपा के लोग भी इस बात को कहते हैं कि दिल्ली में शिक्षा में बहुत अच्छा काम हो रहा है। आज से पहले हम बाहर के देशों से जाकर सीखते थे कि शिक्षा को बेहतर कैसे बनाया जाए। पहली बार ऐसा हो रहा है कि बाहर के देश भारत के शिक्षा मॉडल से कुछ चाह रहे हैं। अफगानिस्तान के शिक्षा मंत्री दिल्ली आए और दिल्ली का शिक्षा मॉडल देखकर गए, मलेशिया के शिक्षा मंत्री भी भारत आए, और दिल्ली का शिक्षा मॉडल देख कर गए।

दिल्ली सरकार द्वारा दिल्ली में हेप्पीनैस क्लासिज़ का जो आयोजन किया गया है, पूरी दुनियां में उसकी तारीफ हो रही है। आज दुनियां भर के पत्रकार भारत आकर हेप्पिनैस क्लासिज़ पर लेख छाप रहे हैं। केम्ब्रिज यूनिवर्सिटी तो हेप्पिनैस क्लासिज़ पर पीएचडी कर रही है कि दिल्ली में जो हेप्पीनैस क्लासिज़ शुरू हुई हैं उसके क्या परिणाम निकल कर आ रहे हैं।

हेप्पीनेस क्लासिज़ के बारे में बताते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि हेप्पिनैस क्लासिज़ में रोजाना लगभग 10 लाख छात्र, और 20 हज़ार अध्यापक क्लास लेते हैं। हेप्पिनैस क्लासिज़ में बच्चों को मेडिटेशन, खेल से जुडी क्रियाएँ भी कराई जाती है। आज दुनियां भर के मीडिया इस पर चर्चा कर रहे हैं। रोजाना बड़े बड़े अखबारों में हेप्पिनैस क्लासिज़ पर लेख छप रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं साथ ही साथ सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों से भी समूह में मीटिंग कर रहा हूँ। ये बड़े ही हर्षो-उल्लास की बात है कि कई प्रधानाचार्य ने मुझे बताया कि हेप्पिनैस क्लासिज़ का बच्चो पर बहुत अच्छा असर हो रहा है। बच्चों की उपस्तिथि बढ़ गई है, बच्चो ने आपस में लड़ना-झगड़ना कम कर दिया है, पढ़ाई में बच्चों का ध्यान ज्यादा बढ़ गया है। अध्यापकों के साथ साथ बच्चों के अभिभावकों ने भी बताया की हमारे बच्चे के अचार-व्यवहार में बहुत बदलाव आया है।

मनीष सिसोदिया ने कहा कि मैं एक शिक्षा से सम्बंधित सम्मलेन के लिए आस्ट्रिया जाने वाला था। वहां पर दुनियां भर से शिक्षा पर शोध कर रहे बड़े बड़े बुद्धिजीवियों को शामिल होना था। वहां मुझे दिल्ली का शिक्षा मॉडल प्रस्तुत करना था। अगर मैं दिल्ली का शिक्षा मॉडल वहां रखूँगा तो अर्थात मैं भारत को ही प्रस्तुत करूँगा। परन्तु मोदी जी की दिल्ली सरकार के प्रति नफरत इस कदर है कि वो देश के सम्मान को ताक पर रखकर, आम आदमी पार्टी और उनके सदस्यों के प्रति अपनी नफरत को सर्वोपरि मानते हुए, मुझे आस्ट्रिया जाने की अनुमति नहीं दे रहे। मोदी जी का मंत्रालय मुझे विदेश जाने की अनुमति नहीं दे रहा, ताकि में वहां जाकर भारत का शिक्षा मॉडल दुनियां के सामने रख सकूं और देश का गौरव बढ़ा सकूं। इन सबसे भी बड़ी हैरानी की बात ये है कि जब मैंने विभाग से पूछा की क्या वजह है मुझे अनुमति नहीं देने की तो मोदी जी का मंत्रालय कोई जवाब नहीं दे पाया।

कुछ दिन पहले इसी प्रकार से जब सत्येन्द्र जैन को आस्ट्रेलिया ने दिल्ली के मौहल्ला क्लिनिक का मॉडल दुनिया के सामने प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया था, तब भी मोदी सरकार ने पोलिटिकल क्लियरेंस देने से मना कर दिया था, और उसी प्रकार से अब जब मुझे आस्ट्रिया जाना है, दिल्ली का शिक्षा मॉडल दुनियां के सामने प्रस्तुत करने के लिए, तो मोदी सरकार एक बार फिर वही घटिया राजनीति कर रही है। ये बात बिलकुल समझ के परे है कि अगर हम किसी दुसरे देश में जाकर भारत का शिक्षा मॉडल और स्वास्थ्य मॉडल को प्रस्तुत करते हैं तो इससे तो हमारे देश का सम्मान ही बढेगा। इसमें देश का पैसा भी खर्च नहीं हो रहा है। कार्यक्रम के प्रबंधक ही आने-जाने का और वहां रहने का सारा खर्च वहन कर रहे हैं, फिर भी मोदी जी आखिर क्यूँ नहीं चाहते की दुनियां में भारत का सम्मान बढे। मैं मोदी जी से कहने चाहता हूँ कि देश की अस्मिता से खेलना बंद करें। देश के गौरव के साथ समझोता न करें।

अंत में मनीष सिसोदिया ने कहा कि मैं मोदी जी से कहना चाहता हूँ आप कितनी भी अडचने लगा लें, दिल्ली में शिक्षा और चिकित्सा के जगत में जो अद्भुत चमत्कार हुए हैं, हम पूरी दुनियां के सामने उसे लाकर रहेंगे। पूरी दुनियां हेप्पिनैस क्लासिज़ के बारे में जानेगी।

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firoz

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