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अंग्रेजों के वक्त भी सभी पक्षों की बात सुनी जाती थी, लेकिन मोदी राज में होती है एकतरफ़ा कार्रवाई- गोपाल राय

मोदी जी के मित्र मुख्य चुनाव आयुक्त को बीजेपी-कांग्रेस की सरकारों के संसदीय सचिव में कोई लाभ नहीं आता नज़र- गोपाल राय

मीडिया से मिल रही रिपोर्ट्स के अनुसार चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता बर्खास्त करने की जो सिफ़ारिश की है वो ज़ाहिर तौर पर प्रधानमंत्री मोदी को खुश करने के लिए ही किया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ए के ज्योति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे करीबी अधिकारियों में से एक हैं जिन्होंने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए आम आदमी पार्टी के ख़िलाफ़ इस बदले की कार्रवाई को अंजाम दिया है।

पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रैस कॉंफ्रेंस में बोलते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता एंव दिल्ली संयोजक गोपाल राय ने कहा कि ‘जिस तरह से आम आदमी पार्टी के विधायकों की सदस्यता को लेकर उनके ख़िलाफ़ चुनाव आयोग ने कार्रवाई की है वो केंद्र सरकार में बैठी बीजेपी की बदले की राजनीति से प्रेरित है। अंग्रेजों के वक्त भी सभी पक्षों की बात सुनकर ही फ़ैसला दिया जाता था लेकिन मोदी राज में बिना विधायकों का पक्ष सुने उनकी सदस्यता ख़त्म करने का फरमान सुना दिया जाता है।

चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी के इन 20 विधायकों को कभी उनका पक्ष सुनने के लिए बुलाया ही नहीं। 23 जून 2017 को चुनाव आयोग ने पार्टी विधायकों को चिठ्ठी भेजकर यह बताया था कि अगर ज़रुरत होगी तो विधायकों का पक्ष सुनने के लिए उन्हें बुलाया जाएगा लेकिन विधायक इंतज़ार ही करते रह गए और मोदी राज में चुनाव आयोग ने विधायकों का पक्ष सुने बग़ैर ही अपना एकतरफ़ा फ़ैसला दे दिया। जबकि दिल्ली के इन विधायकों को संसदीय सचिव बनाने वाले दिल्ली सरकार के 13 मार्च 2015 के ऑर्डर में यह साफ़ लिखा गया था कि इन संसदीय सचिवों को ना कोई पैसा मिलेगा, ना कोई घर या ऑफ़िस मिलेगा और ना कोई अन्य सुविधा ही मिलेगी।

अपने रिटायरमेंट से 3 दिन पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ए के ज्योति ने आम आदमी पार्टी के विधायकों की सदस्यता ख़त्म करने की सिफ़ारिश करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तोहफ़ा दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ए के ज्योति दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेहद करीबी अफ़सरों में से एक हैं जो पूर्व में उस वक्त के गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव और मुख्य सचिव रह चुके हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से विदा लेने से पहले ए के ज्योति ने आम आदमी पार्टी के विधायकों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करके मोदी जी के एहसानों का बदला चुकाया है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली से बाहर दूसरे राज्यों की बीजेपी-कांग्रेस सरकारों में भी वहां के विधायकों को संसदीय सचिव बनाया गया है जिन्हें मोटी सैलरी, बंग्ला-गाड़ी और दूसरी सुविधाएं मिल रही हैं। इस बात की शिकायत राष्ट्रपति मदोदय से की जा चुकी है लेकिन इन मामलों में ना कोई कार्रवाई की जा रही है और ना ही चुनाव आयोग इस मामले की कोई सुध ले रहा है। चुनाव आयोग के द्वारा कार्रवाई सिर्फ़ आम आदमी पार्टी के विधायकों के ख़िलाफ़ ही की जा रही है।

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Ghansham

1 Comment

    • John Ferns

      CONCENTRATE ON YOUR WORK – PEOPLE OF INDIA ARE WITH AAP
      Keep your Fight going on till EVM are not banned in India !
      This will happen one day; EVM will be banned in India!
      People of India don’t believe EVM anymore; They wanted Ballot Paper!
      People’s power will Win and EVM will be banned in India!

      reply

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