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2-जी केस में पूर्व टेलीकॉम मंत्री ए राजा और कनीमोझी समेत दूसरे सभी आरोपियों को कोर्ट से जो क्लीन चिट मिली है उसमें मोदी सरकार की प्रमुख भूमिका है। सीबीआई ने कोर्ट में कोई सुबूत पेश नहीं किए जिसकी वजह से साक्ष्यों के अभाव में सभी आरोपियों को कोर्ट से क्लीन चिट मिली। सीबीआई सीधे भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार के अधीन काम करती है और सीधे तौर पर मोदी सरकार के इशारे पर ही 2-जी के आरोपियों को साज़िशन बचाया गया है।

पार्टी कार्यालय में आयोजित हुई प्रैस कॉंफ्रेंस में बोलते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता एंव राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष ने कहा कि ‘2-जी केस में जिस प्रकार से ए राजा और कनीमोझी समेत दूसरे आरोपियों को कोर्ट से क्लीन चिट मिली है उसमें सीबीआई की नाकामी साफ़ नज़र आ रही है।

कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि कोर्ट के समक्ष सीबीआई कोई भी साक्ष्य प्रस्तुत करने में नाकाम रही और सुबूतों के अभाव में आरोपियों को आरोपों से बरी किया गया है। हम पूछना चाहते हैं कि पिछले साढ़े तीन साल के मोदी सरकार के कार्यकाल में सीबीआई एक भी साक्ष्य 2-जी केस में नहीं ढूंढ पाई और कोर्ट को क्यों नहीं दे पाई? और अगर यूपीए सरकार के वक्त कोई कार्रवाई इसे लेकर नहीं हुई थी तो ऐसी क्य मजबूरी मोदी जी की रही कि उनके कार्यकाल में इस केस में उनकी सीबीआई ने इसमें कोई अतिरिक्त आरोप पत्र दाख़िल तक नहीं किया?

सीबीआई के पूर्व प्रमुख ए पी सिंह ने सामने आकर बयान दिया है कि इस केस में सीबीआई के पास ए राजा के ख़िलाफ़ पर्याप्त सुबूत थे और सुप्रीम कोर्ट ने भी बड़े पुख्ता सुबूतों के आधार पर ही 2-जी के अलॉटमेंट को रद्द किया था, तो फिर मोदी जी की ऐसी क्या मजबूरी रही कि उन्हें और उनकी सीबीआई को पिछले साढ़े तीन साल में कोई सुबूत नहीं मिला।

पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और DMK प्रमुख करुणानिधि के बीच मुलाक़ात हुई थी, देश जानना चाहता है कि कहीं मोदी जी की डीएमके नेताओं के साथ कोई डील तो नहीं हुई? कहीं ऐसा तो नहीं कि मोदी जी और उनकी सरकार ने सीबीआई के ज़रिए डीएमके के नेताओं और बड़े-बड़े कॉर्पोरेट घरानों को बचा लिया जो इस 2-जी केस में फंसे थे?

हम प्रधानमंत्री जी से कुछ सवाल पूछना चाहते हैं

  1. प्रधानमंत्री संसद में आकर बताएं कि आखिर क्या वजह रही कि उनकी सरकार के आधीन काम करने वाली सीबीआई पिछले साढ़े तीन साल में इस केस में कोई सुबूत नहीं इकठ्ठा कर पाई?
  2. भारतीय जनता पार्टी ये बताए कि इस मामले में भ्रष्टाचारियों को क्लीन चिट दिलाने के लिए उनकी किसके साथ क्या डील हुई है?
  3. सीबीआई अगर कोई सुबूत इकठ्ठा नहीं कर पाई तो क्या भारतीय जनता पार्टी यह मानती है कि इस मामले में कोई घोटाला नहीं हुआ?
  4. क्या देश की मोदी सरकार सीबीआई के उन नाकाम अधिकारियों के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई करेगी जो पिछले साढ़े तीन साल में इस केस में कोई सुबूत इकठ्ठा नहीं कर पाए?

अगर इस देश में लोकपाल कानून लागू कर दिया गया होता तो आज लोकपाल के पास अपनी जांच एजेंसी होती और अपनी प्रॉसिक्यूशन होती तो इस मामले में बिना किसी सरकारी दबाव के कार्रवाई होती, जांच होती और आरोपियों को सज़ा भी हो जाती। लेकिन ये देश का दुर्भाग्य है और मोदी सरकार की साज़िश है कि लोकपाल बिल पास होने के बावजूद भी आज तक मोदी सरकार ने लोकपाल की नियुक्ति नहीं की है।

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Jitender Singh

3 Comments

    • SUBASH CHANDRA SAHU

      These are the very pertinent questions .BJP has to answer the above questions with logic.The nation wants to know.

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    • Nameashok kumar dhanuka

      maybe this is the first step forward for alliance with DMK..

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    • John Ferns

      Congress is the main enemy of AAP. AAP should target Congress as well as BJP at the Same-Time, to get Congress voters to its fold.

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