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भाजपा ने ढहाया 40 करोड़ दलितों की आस्था का केंद्र : गौतम

संत रविदास जी का मंदिर तोड़े जाने के विरोध में आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन

डीडीए और केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी

भारी पुलिस बल ने आप कार्यकर्ताओं को भाजपा मुख्यालय से पहले रोका

भाजपा को बचाने पुलिस उतरी तो सड़क को बनाया धरना स्थल

फिर से वहीं बने संत रविदास का मंदिर : कुलदीप कुमार

नई दिल्ली। तुगलकाबाद स्थित संत रविदास जी का मंदिर तोड़े जाने का विरोध आज दिल्ली की सड़कों पर दिखाई दिया। दिल्ली की सड़कों पर मोदी सरकार हाय-हाय, डीडीए हाय-हाय की गूंज सुनाई दी। हजारों की संख्या में मौजूद संत रविदास के अनुयायियों और आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने मंदिर को उसी जगह स्थापित करने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे अरविंद केजरीवाल सरकार के समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने मांग उठाते हुए कहा कि संत रविदास जी के मंदिर को फिर से उसी जगह स्थापित कराया जाए। इस मंदिर से करीब 40 करोड़ लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। भाजपा ने जानबूझकर 40 करोड़ दलितों की आस्था का केंद्र ढहाया है, इसके लिए दलित कभी भाजपा को माफ नहीं करेंगे।

गौरतलब है कि केंद्र की भाजपा सरकार के अधीन काम करने वाली डीडीए ने 10 अगस्त को इस मंदिर को तोड़ दिया था, जिसके बाद से केवल भारत में ही नहीं बल्कि अमेरिका, ऑस्ट्रिया, कनाडा आदि में भी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

संत रविदास जी के मंदिर को तोडे़ जाने का विरोध जताते हुए रविवार को आम आदमी पार्टी की एससी-एसटी विंग के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने आम आदमी पार्टी मुख्यालय से भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय तक मार्च निकाला। इन कार्यकर्ताओं के साथ संत रविदास के अनुयायी भी मौजूद रहे। ये लोग भाजपा कार्यालय का घेराव करने ही वाले थे कि उससे पहले बैरिगेटिंग करके भारी पुलिस बल ने इन्हें रोक लिया और मुख्यालय तक नहीं पहुंचने दिया। इस पर संत रविदास के अनुयायी वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।

दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि यदि केंद्र सरकार संत रविदास को मानती है तो मंदिर का निर्माण उसी स्थान पर कराया जाए। उन्होंने बताया कि 12 अगस्त को हमने प्रधानमंत्री मोदी जी को खत लिखकर मांग की थी कि मंदिर को फिर से उसी जगह स्थापित किया जाए लेकिन उस खत का कोई जवाब नहीं आया। यह बीजेपी की दलित विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। 10 अगस्त को संत रविदास जी का यह ऐतिहासिक मंदिर डीडीए ने गिरा दिया था। डीडीए केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी के अंडर काम करता है। संत रविदास जी का मंदिर हरदीप पुरी की सहमति और अनुमति से ढहाया गया। अब बीजेपी ने हरदीप पुरी को दिल्ली में चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी है। संत रविदास जी का मंदिर ढहाने के जिम्मेदार हरदीप पुरी को दिल्ली चुनाव की जिम्मेदारी देकर भाजपा आखिर क्या साबित करना चाहती है ? दलित समाज भाजपा को इसका मुंहतोड़ जवाब देगा । उन्होंने सरकार से मांग करते हुए यह भी कहा कि मंदिर तोड़े जाने पर लोगों में आक्रोश है, देश में कोई बड़ा आंदोलन हो, उससे पहले यह मामला सुलझाकर शांति स्थापित की जाए।

नहीं बदला जाए स्थान

इस अवसर पर मौजूद आम आदमी पार्टी एससी- एसटी विंग के अध्यक्ष एवं निगम पार्षद कुलदीप कुमार ने कहा कि यदि राम मंदिर के निर्माण के लिए जगह नहीं बदली जा रही है तो संत रविदास मंदिर के लिए क्यों जगह बदली जाए। मंदिर को उसी जगह स्थापित किया जाए, जहां पर यह पहले था। इस स्थान से करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। संत रविदास जी स्वयं 1509 में इस स्थान पर आए थे। कुलदीप कुमार ने कहा कि जब से बीजेपी सत्ता में आई है, दलितों पर अत्याचार बढे़ हैं। दलितों के आदर्श बाबा साहेब अंबेडकर, महर्षि वाल्मिकी, संत रविदास जी की मूर्तियों को तोड़ा जा रहा है। भाजपा सरकार दलितों के साथ गलत व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा दलित समाज अपने आपको आज भाजपा की मनुवादी विचारधारा में दबा सा महसूस कर रहा है।

BJP demolished the symbol of the faith of 40 crore Dalits: Rajendra Pal Gautam

Aam Aadmi Party protested against the demolitoon of the Sant Ravidas temple

DDA and Central govt were the target of sloganeering

AAP workers halted in their track towards BJP Headquarters using heavy police force

We demand that the Sant Ravidas Temple be re-established at the same place: Kuldeep Kumar

New Delhi, 18 August: The anger of the people against the Central government over the demolition of the Sant Ravidas temple in Tugalaqabad was visible on the streets today, as thousands of Aam Aadmi Party volunteers marched to the BJP headquarters. The protesters demanded that the temple to Sant Ravidas be re-established at the same location.

Leading the protesters, Social Welfare Minister Rajendra Pal Gautam said, “The temple of Sant Ravidas ji must be re-established at the same place. The faith of over 40 crore people is linked to this temple. The BJP has deliberately demolished the symbol of the faith of 40 crore Dalits. The community will never forgive the BJP.”

The Delhi Development Authority (DDA) which directly reports to the BJP government, demolished the temple on August 10. Since the demolition, protests have erupted not only in India but also in the USA, Austria, Canada etc.

Opposing the demolition of the temple of Sant Ravidas ji, on Sunday, the leaders and members of the SC-ST wing of the Aam Aadmi Party marched from the Aam Aadmi Party headquarters to the headquarters of the Bharatiya Janata Party. The followers of the Sant Ravidas temple in Tugalaqabad also joined the protest. On their way to the BJP office, heavy police forces stopped the march, following which the protesters sat on a dharna on the street and started sloganeering against the Central government.

Rajendra Pal Gautam said, “If the Central government believes in Sant Ravidas ji, then the temple should be re-established at the same place. On August 12, we had written a letter to Prime Minister Modi and demanded that the temple be restored, but there was no response to that letter. This reflects the anti-Dalit mindset of the BJP. DDA works under the direct control of Union Minister Hardeep Puri. The temple of Sant Ravidas Ji was demolished with the consent and permission of Hardeep Puri. Now the BJP has appointed Hardeep Puri as the election in-charge for Delhi. What message is BJP sending by appointing the person who demolished our temple as the in-charge for its Delhi unit? The Dalit community will give a befitting reply to the BJP.”

Cautioning the Centre about the rising anger of the people, he said, “The Centre should restore the temple and resolve the matter otherwise more people will come on the streets to protest.”

‘Site for temple must not be changed’

East MCD councillor and President of the AAP SC-ST Wing Kuldeep Kumar said, “If the site for the reconstruction of the Ram Mandir is not being changed then why should the site for the Ravidas Mandir be changed? The temple should be established in the place where it was earlier. The faith of crores of people is associated with this place. Sant Ravidas Ji himself came here in 1509. Since the BJP has come to power, atrocities against Dalits have increased. Idols of Dalit greats like Baba Saheb Ambedkar, Maharishi Valmiki, Sant Ravidas Ji are being broken. The BJP government is mistreating Dalits. The entire community is feeling uncomfortable with the Manuwadi ideology of the BJP today.”

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firoz

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