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आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता दुर्गेश पाठक ने कहा कि नार्थ एमसीडी एरिया में कूड़े के ढेर पड़े हुए हैं और भाजपा शासित नार्थ एमसीडी सफाई कर्मचारियों को वेतन देने के बजाय केजरीवाल सरकार का दिया हुआ 838 करोड़ रुपए अपने पार्षदों में बांटने की तैयारी में है। दिल्ली सरकार ने एमसीडी कर्मचारियों को वेतन देने के लिए 938 करोड़ रुपए दिए हैं, लेकिन भाजपा कर्मचारियों को वेतन देने के बजाय पार्षदों का फंड बढ़ा कर 1.5 करोड़ रुपए करने में लगी हुई है। भाजपा को पता है कि दिल्ली की जनता आगामी एमसीडी चुनाव में उसे एमसीडी की सत्ता से बाहर कर देगी, इसीलिए भाजपा इस पैसे को अपने पार्षदों में बांटने की कोशिश में है। उन्होंने कहा कि एमसीडी का कार्यकाल एक साल और बचा है। भाजपा नेता इस एक साल में एमसीडी को पूरी तरफ से लूट कर खत्म कर देना चाहते हैं। उन्होंने भाजपा शासित एमसीडी से कर्मचारियों का रूका हुआ वेतन शीघ्र जारी करने की मांग करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी, दिल्ली सरकार से मिले पैसे को पार्षदों में बांटने की भाजपा की रणनीति का कड़ा विरोध करती है।

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं एमसीडी के प्रभारी दुर्गेश पाठक ने पार्टी मुख्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित किया। दुर्गेश पाठक ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने पिछले 15 सालों से एमसीडी को अपने भ्रष्टाचार का कारखाना बनाया हुआ है। एमसीडी के नेता अपने कर्मचारियों को वेतन देने के बजाय अपना फंड बढ़ाने में लगे हुए हैं। दिल्ली सरकार ने सफाई कर्मचारियों और सबके वेतन के लिए 938 करोड़ रुपए जारी किए थे। यह पैसा देने की जिम्मेदारी ‘आप’ की नहीं थी, बल्कि एमसीडी की जिम्मेदारी थी, लेकिन भारतीय जनता पार्टी उन सफाई कर्मचारियों को वेतन देने के बजाय अपने पार्षदों का पैसा बढ़ाने में लगी हुई है। अब हर पार्षद को 1.5 करोड़ रुपए का फंड दिया जा रहा है। इनको ऐसा लग रहा है कि अभी एक साल बचा है, तो इस एक साल में पूरी एमसीडी को हर तरफ से लूट लिया जाए और उसका खत्म कर दिया जाए।

दुर्गेश पाठक ने कहा कि पूरी दिल्ली कूड़े की समस्या से जूझ रही है, लेकिन नॉर्थ एमसीडी एरिया में रहने वाले दिल्ली के लोग पिछले 15-20 दिनों से बहुत बुरे हाल में हैं। पूरी दिल्ली के अंदर, पूरी नॉर्थ एमसीडी के अंदर आज किसी भी चैराहे या गली में चले जाएं, वहां कूड़े के अंबार लगे हुए हैं। हर तरफ सिर्फ और सिर्फ कूड़ा है। उसका एक ही कारण है कि सफाई कर्मचारी पिछले कई दिनों से हड़ताल पर हैं। उनके हड़ताल पर जाने का कारण यह है कि उन्हें कई महीनों से तनख्वाह नहीं दी जा रही है। एमसीडी ने पिछले 5 महीनों से उन्हें वेतन नहीं दिया है, जिसके कारण उनका घर नहीं चल पा रहा है। वे अपने बच्चों की फीस जमा नहीं पा रहे हैं और जो लोग किराए पर रहते हैं, उनके मकान मालिक उनसे घर खाली करने के लिए कह रहे हैं। सभी सफाई कर्मचारी इतने बुरे हाल में हैं कि उनके पास हड़ताल पर जाने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं बचा था। वहीं, भारतीय जनता पार्टी के जो नेता लोग हैं, जिन्होंने पिछले 15 सालों से एमसीडी को अपने भ्रष्टाचारों का अड्डा और कारखाना बनाया हुआ है, वे इन कर्मचारियों का वेतन देने के बजाय अपना फंड बढ़ाने में लगे हुए हैं।

दुर्गेश पाठक ने कहा कि आपको ध्यान होगा कि दिल्ली के दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और पीडब्लूडी मंत्री सत्येंद्र जैन ने 14 जनवरी को प्रेस वार्ता करके सफाई कर्मचारियों और सबके वेतन के लिए 938 करोड़ रुपए जारी कराए थे, जबकि यह पैसा देने की जिम्मेदारी हमारी नहीं थी, इसके बावजूद हमने सभी कर्मचारियों के वेतन के लिए एमसीडी को 938 करोड़ रुपए दिए। वहीं, भारतीय जनता पार्टी उन सफाई कर्मचारियों को वेतन देने के बजाय अपने पार्षदों का पैसा बढ़ाने में लगी हुई है। अब हर पार्षद को 1.5 करोड़ का फंड दिया जा रहा है। समझ में नहीं आ रहा है कि भारतीय जनता पार्टी आखिर चाहती क्या है?

दुर्गेश पाठक ने कहा कि आज नॉर्थ एमसीडी एरिया में रहने वाले लोग अपने घरों से निकल रहे हैं, तो वे चैराहे पर कूड़ा पड़ा पाते हैं। उनको मैं बताना चाहता हूं कि इसका एकमात्र कारण यह है कि जो 938 करोड़ रुपए अरविंद केजरीवाल की सरकार ने तनख्वाह के लिए दिया है, उसको भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने अपने पार्षदों में बांटने की तैयारी कर ली है। हर पार्षद में डेढ़-डेढ़ करोड़ रुपए बाटें जाएंगे और सारा पैसा खत्म हो जाएगा। इनको पता है कि यह उनका आखिरी साल है। इनको पता है कि दिल्ली की जनता इनसे परेशान हो चुकी है। अगले साल अप्रैल के महीने में दिल्ली की जनता इन्हें चुनाव में बुरी तरह हराकर एमसीडी की सत्ता से बाहर कर देगी। इनको ऐसा लग रहा है कि अभी एक साल बचा है, तो इस एक साल में पूरी एमसीडी को हर तरफ से लूट लिया जाए और उसको खत्म कर दिया जाए।

दुर्गेश पाठक ने कहा कि मैं भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से अपील करना चाहता हूं कि आप दिल्ली वालों की सेहत के साथ राजनीति मत करिए। सफाई कर्मचारियों के जीवन के साथ राजनीति मत करिए। आप इनको तुरंत तनख्वाह दें, जिससे सफाई कर्मचारी काम पर वापस जाएं और जो आपने यह लूटने की रणनीति बनाई है, दिल्ली सरकार ने जो पैसा दिया है उस पूरे पैसे को लूट कर अपने पार्षदों में बांटने की जो रणनीति बनाई है, आम आदमी पार्टी इसका विरोध करती है।

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