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दिल्ली में 101.5 दिन में डबल हो रहे कोरोना के केस, देश में 28.8 दिन में ही डबल हो रहे केस

  • दिल्ली में कोविड से होने वाली मौतों में भी सुधार आया, दिल्ली में अगस्त मेें 1.4 प्रतिशत मृत्युदर है, जबकि पूरे देश में 1.92 प्रतिशत
  • आंकड़ें बता रहे कोरोना से लड़ाई में मजबूत हो रहा दिल्ली माँडल, दिल्ली में मरीजों के स्वस्थ्य होने की दर 90.2 प्रतिशत है, जबकि पूरे देश में यह दर 72.5 प्रतिशत है
  • 18 जून की तुलना मेें 18 अगस्त को किए गए कोविड टेस्ट की पॉजिटिविटी रेट में आईं भारी गिरावट, आरटीपीसीआर और रैपिड टेस्ट दोनो की पॉजिटिविटी रेट में दिखी गिरावट

नई दिल्ली, 20 अगस्त 2020

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा कोरोना संक्रमण की रोकथाम में किए गए गंभीर व व्यक्तिगत प्रयास पूरी तरह रंग ला रहे हैं। इसी का नतीजा है कि दिल्ली की स्थिति देश के मुकाबले काफी बेहतर है और दिल्ली मॉडल की चर्चा देश भर में हो रही है। वर्तमान में दिल्ली कें कोरोना केस के दोगुने होने की रफ्तार बढ़ कर 101.5 दिन हो गई है, जबकि पूरे देश में अभी यह रफ्तार 28.8 दिन है। यही नहीं, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कोरोना से हो रहे मौत के आंकड़ों को शून्य पर लाने के लिए किए जा रहे प्रयास के कारण दिल्ली में कोरोना से मृत्युदर में भी काफी सुधार हुआ है। वर्तमान में अगस्त के महीने में दिल्ली में मृत्युदर 1.4 प्रतिशत है, जबकि पूरे देश में यह दर 1.92 प्रतिशत है। दिल्ली डिजाॅस्टर मैनेजमेंट अथाॅरिटी (डीडीएमए) की बुधवार को हुई बैठक में दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना के संबंध में ताजे आंकड़े प्रस्तुत किए। यह आंकड़े न सिर्फ दिल्ली माँडल को मजबूती प्रदान कर रहे बल्कि दिल्ली के निवासियों को राहत प्रदान करने वाले है।

दिल्ली में कोविड-19 महामारी की रोकथाम को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल स्वयं गंभीर हैं और वह खुद पूरे मामले पर बेहद बारिकी के साथ नजर रख रहे हैं। कोविड की रोकथाम को लेकर सीएम अरविंद केजरीवाल ने समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य संबंधित विभागों को आवश्यक और जरूरी कदम उठाने के निर्देश देते रहे हैं। इसी का परिणाम है कि जून में जहां कोविड को लेकर दिल्ली में अफरा-तफरी का महौल था, वहीं आज स्थिति में बहुत ज्यादा सुधार दिखाई दे रहा है। इस संबंध में बुधवार को डीडीएमए की बैठक हुई थी। बैठक में दिल्ली में कोरोना की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। इस दौरान दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संबंधित एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में कोविड-19 के केस दोगुना होने की रफ्तार देश के अन्य राज्यों की अपेक्षा सबसे अधिक है। दिल्ली में अगस्त महीने में करीब 101.5 दिन में कोविड के केस दोगुने होते पाए गए हैं, जबकि पूरे देश में 28.8 दिन में ही केस के दोगुना हो रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में केस डबल होने की अवधि बढ़ने के साथ ही मृत्युदर में भी काफी हद तक सुधार आया है। इस महीने में दिल्ली में मृत्युदर 1.4 प्रतिशत रहा है, जबकि पूरे देश में मृत्युदर करीब 1.92 दिन है। वहीं 18 जून को दिल्ली की टेस्ट पॉजिटिविटी रेट जो 24.59% थी, वह 18 अगस्त को गिरकर 5.25% हो गई है। यह गिरावट आरटीपीसीआर और रैपिड टेस्ट दोनो की पॉजिटिविटी रेट में दिख रही है। 18 जून को दिल्ली में 9088 आरटीपीसीआर टेस्ट हुए थे जिनमे 2805 पॉजिटिव केस निकले थे, यानी पोस्टिविटी रेट 30.85% निकली थी। वहीं 18 अगस्त को 4106 आरटीपीसीआर टेस्ट हुए थे जिनमे 434 पॉजिटिव केस निकले थे, यानी पोस्टिविटी रेट 10.57% थी। इसी प्रकार 18 जून को दिल्ली में 3316 रैपिड टेस्ट हुए थे जिनमे 246 पॉजिटिव केस निकले, यानी पोस्टिविटी रेट 7.42% निकली थी। वहीं 18 अगस्त को 10882 रैपिड टेस्ट हुए थे जिनमे 353 पॉजिटिव केस निकले थे, यानी पोस्टिविटी रेट केवल 3.24% थी।

ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 20 जून 2020 को दिल्ली सहित पूरे भारत में मरीजों के स्वस्थ्य होने की दर करीब 55.2 प्रतिशत थी। लेकिन तब से अब तक दिल्ली में कोरोना से हालात लगातार सुधर रहे हैं और पूरे देश की तुलना में दिल्ली में मरीजों के स्वस्थ्य होने की दर लगातार बढ़ती जा रही है। वर्तमान में पूरे देश में मरीजों के स्वस्थ्य होने की दर 72.5 प्रतिशत है, जबकि दिल्ली में स्वस्थ्य होने की दर बढ़ कर 90.2 प्रतिशत हो गई है। इसी तरह, एक जुलाई 2020 को दिल्ली में कोविड केस के दोगुना होने की दर करीब 20 दिनों तक पूरे देश की दर के लगभग बराबर थी। लेकिन उसके बाद से दिल्ली में केस डबल होने की दर लगातार बढ़ती जा रही है। 17 जुलाई को दिल्ली में 58 दिनों में कोविड केस के दोगुने हो रहे थे। इसी तरह, एक अगस्त 2020 को 90 दिन में केस डबल होते पाए गए और वर्तमान में 101.5 दिन में दोगुने हो रहे हैं। वहीं, इसकी तुलना में पूरे भारत में एक जुलाई 2020 को कोविड केस के दोगुना होने की दर 20 और 27 दिन के बीच रही है।

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pulkit

1 Comment

    • John Ferns

      IN COVID-19 DISEASE ERA: Some people say that Health must be given priority over Wealth and should keep the Economy Shut. But these people forget that to Maintain Health, Wealth is required. And to get Wealth, Economy is required. So shutting Economy will not only loose Wealth but also Health. Because only Wealth can buy Health like Testing Kits, Medicines, Ventilators, Vaccine, etc. EXAMPLE: Strong HEALTHY Poor Person cannot go abroad or neighborhood Top Class Private Hospital for treatment or buy Car & House. But a Weak Sick WEALTHY Person can go abroad or neighborhood Top Class Private Hospital for treatment and buy Car & House. BOTTOM LINE: Health cannot be priority over Wealth (ECONOMY).

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