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भ्रष्ट राजनेता खेल संस्थानों को कर रहे हैं बर्बाद: AAP

Date 28 Dec 2016

भारतीय ओलम्पिक एसोसिएशन में कलमाडी और अभय चौटाला की नियुक्तियां रद्द हों : AAP

भ्रष्ट राजनेता खेल संस्थानों को कर रहे हैं बर्बाद: AAP

राजनीतिक दलों के शीर्ष नेतृत्व को उठाना होगा कड़ा कदम, खेल संघों में नेताओं की एंट्री पर लगाएं बैन 

आम आदमी पार्टी इंडियन ओलम्पिक एसोसिएशन में सुरेश कलमाडी के आजीवन संरक्षक और अभय चौटाला के आजीवन अध्यक्ष मनोनीत किए जाने का विरोध करती है। सुरेश कलमाडी पर सीडब्ल्यूजी में घोटाले के आरोप हैं और वो अभी ज़मानत पर बाहर हैं जबकि अभय चौटाला पर भी कई तरह के आरोप हैं। ऐसे में इनकों जीवनभर के लिए अहम खेल संघ के महत्वपूर्ण और उच्च पदों पर मनोनीत करना अनुचित है।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता दिलीप पांडे ने कहा कि ' आम आदमी पार्टी का मानना है कि भ्रष्ट नेताओं ने खेल संघों को राजनीति का अखाड़ा बना दिया है जिससे हमारे देश के प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर नहीं मिल पाता। राजनेताओं के इनमें सक्रीय रहने की वजह से खेल संघ बर्बाद करके रख दिया है। सुरेश कलमाडी और अभय चौटाला पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप हैं और ऐसे उनका इन पदों पर मनोनीत होना अनुचित है। अंर्तराष्ट्रीय ओलम्पिक समिति ने जब आईओए को इसी बात पर निलम्बित किया था कि अभय चौटाला पर गंभीर आरोप हैं और इनके आईओए का अध्यक्ष रहते भारत के इस खेल संघ की मान्यता रद्द रखी जाएगी। उसके बाद जब आईओए ने अपने संविधान में चयनित सदस्यों के लिए अलग कानून बनाया तो भारत के खेल संघ की एंट्री हो पाईथी। लेकिन अब भ्रष्ट राजनेताओं ने अपनी एंट्री के लिए अलग रास्ते को हथियार बनाया है जिसका अवश्य ही विरोध होना चाहिए।'

'अगर राजनीतिक पार्टियों के शीर्ष पदस्थ नेता चाहें तो खेल संघों में ना केवल भ्रष्ट नेताओं का बल्कि नेताओं का ही प्रवेश रोका जा सकता है। कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेता और भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व अगर अपने पार्टी के नेताओं पर खेल संघों में प्रवेश पर पाबंदी लगा दे तो मुमकीन है कि भारत में खेलों का स्तर बेहतर हो जाए और वैश्विक खेल पटल भारत को एक नई पहचान मिल सकती है। विशेषकर भारतीय जनता पार्टी अगर चाहे तो केंद्र सरकार के स्तर पर अटके स्पोर्ट्स बिल को पास कराके एतिहासिक बदलाव किए जा सकते हैं।'

'आम आदमी पार्टी उम्मीद तो करती है कि राजनीतिक दल ऐसे कदम उठा कर भारतीय खेल संघों की स्थिति बेहतर करने की दिशा में कार्य करें लेकिन जब खेल संघों में बैठे नेताओं पर नज़र जाती है तो यह उम्मीद बेमानी ली लगती है। तक़रीबन सभी खेल संघों में बीजेपी-कांग्रेस समेत दूसरे दलों के नेता दशकों से अपने पैर जमाए बैठे हैं जिन्होंने इन खेल संघों को भ्रष्टाचार का अड्डा बना रखा है। भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह खुद गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं और ऐसे ही उनकी पार्टी समेत दूसरे दलों के बड़े नेता भी अलग-अलग खेल संघों में अलग-अलग पदों पर बैठे हैं।'

'अभय चौटाला के अलग-अलग खेल संघों में अध्यक्ष पदों पर होने की वजह से पहले आईओए और फिर मुक्केबाज़ी की पूर्ववर्ती संस्था एेमेच्योर बॉक्सिंग महासंघ पर अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध लगना भारतीय खेलों के कमज़ोर ढांचे को उजागर करता है। राजनीतिक हस्तक्षेप से आज़ादी ही इसका एकमात्र समाधान है लेकिन यह उन्हीं राजनेताओं की इच्छाशक्ति पर निर्भर करता है जो इस वक्त इन खेल संघों में अपना आसन लगाए बैठे हैं।

 

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